Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookनये ख्यालों की गीता के नेवल अफसर पिता की बड़ी निर्दयता से हत्या कर दी गयी।
तेजा सिंह के बेटे सुरेश और गीता का प्यार परवान चढ़ रहा था कि सुरेश के पिता की हत्या कर दी गयी।
सुरेश और गीता ने अपने अपने पिता के खून का बदला लेने की क़सम खाई।
अचानक तेजा सिंह प्रकट हुआ। खूनी खूँखार और लुटेरों का सरदार, जिसकी ट्रेन डकैती में हत्या हुई वह तेजा सिंह कौन था।
सुरेश की माँ के माँग का सिन्दूर वफ़ादार तेजासिंह था या लुटेरा खूनी तेजा सिंह था।
इस राज़ का पता कैसे चला।
गीता और सुरेश ने अपने अपने पिता के खून का बदला लिया।
खूँखार और गद्दार तेजा सिंह जैसे भेड़ की खाल में छूपे भेड़िये से देश की रक्षा कैसे हुई।
इन सारे सवालों का जवाब है फ़िल्म “ट्रेन डकैती”।
(From the official press booklet)